मानवता की सेवा,
प्रकृति का सम्मान
संत श्री रणधीर जी बाबल की दिव्य विरासत को आगे बढ़ाते हुए। शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित।
गौरवशाली वर्ष
मुख्य निर्माण कार्य
सघन वृक्षारोपण
परोपकार एवं सेवा
संस्थापक
संत श्री रणधीर जी बाबल
गुरु जाम्भोजी के शिष्य • जन्म १५१३ ई.
हमारी धरोहर
बाबलसर, १५१३ ई. से चली आ रही
एक आध्यात्मिक विरासत
"प्रकृति और मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा है।"
संत श्री रणधीर जी बाबल बिश्नोई पंथ के संस्थापक गुरु जाम्भोजी के परम शिष्य थे। 1513 ई. में बाबलसर गांव में जन्मे, उन्होंने अपना जीवन पर्यावरण संरक्षण, जीव दया और आध्यात्मिक जागृति के लिए समर्पित कर दिया।
आज, संत श्री रणधीर जी बाबल सेवा संस्थान, अध्यक्ष श्री रमेश बाबल के नेतृत्व में, शिक्षा, स्वास्थ्य और वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से इसी 500 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
पूरा इतिहास पढ़ें arrow_forwardहमारे प्रमुख कार्य
समाज और पर्यावरण के उत्थान के लिए हमारे द्वारा किए गए कुछ प्रमुख कार्य।
पडियाल सदीदादी मंदिर निर्माण
पडियालहाल, स्नानघर व शौचालय निर्माण कार्य।
सती दादी मंदिर व्यवस्था
40–50 लोगों की रहने-खाने-रसोई की संपूर्ण व्यवस्था उपलब्ध।
पडियाल - भूमि संरक्षण
पडियालसामूहिक सहयोग से जमीन लेकर बाउंड्री निर्माण कार्य।
जल एवं पर्यावरण सेवा
टांका निर्माण एवं सघन वृक्षारोपण अभियान।
पवित्र परिसर सुरक्षा एवं सेवा
पुजारी/महाराज नियुक्ति एवं संपूर्ण CCTV सुरक्षा व्यवस्था।
वार्षिक मेला आयोजन
बिश्नोई समाज एवं परिवारजनों के दर्शन हेतु प्रतिवर्ष भव्य मेले का आयोजन।
इतिहास एवं वंशावली संकलन
रणधीर जी बाबल एवं बाबल इतिहास का साहित्यकारों के सहयोग से संकलन।
फिटकासनी मंदिर निर्माण
फिटकासनीफिटकासनी में सदीदादी व सती-दादा मंदिर का निर्माण।
जागरण एवं जांभाणी कथा
फिटकासनीफिटकासनी सती-दादी एवं सती-दादा मंदिर हेतु आध्यात्मिक आयोजनों का संचालन।
सकारात्मक बदलाव की ओर
एक पहल
विद्या (शिक्षा एवं विकास)
संविधान के उद्देश्य (7, 9, 10) के अनुरूप, हमारा लक्ष्य बालक-बालिकाओं और महिलाओं के लिए शिक्षा का प्रसार करना, तथा विद्यालय, महाविद्यालय और छात्रावासों का संचालन करना है।
विस्तार से जानें arrow_forwardनिरोगी काया (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा)
उद्देश्य (8, 11) के तहत, हम गरीब और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए चिकित्सा सुविधाएं, स्वास्थ्य शिविर और खेती के विकास से संबंधित कार्य प्रदान करते हैं।
विस्तार से जानें arrow_forwardपर्यावरण (पारिस्थितिक संरक्षण)
उद्देश्य (5) के अनुपालन में, हम पर्यावरण और पारिस्थितिक संरक्षण (Ecological Conservation) के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम 'सिर साटे रूँख रहे' की परंपरा को जीवित रखते हैं।
विस्तार से जानें arrow_forwardआगामी योजनाएं
“रणधीर जी बाबल” लाइब्रेरी निर्माण
बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सभी गांवों में आधुनिक लाइब्रेरी।
रणधीर जी पार्क एवं प्याऊ
पर्यावरण संरक्षण हेतु पार्क का विकास एवं राहगीरों के लिए प्याऊ निर्माण।
ऐतिहासिक पुस्तक प्रकाशन
रणधीर जी बाबल व बाबल इतिहास पर विस्तृत पुस्तक का प्रकाशन।
रणधीर जी की छतरी निर्माण
मुकाम मंदिर पर भव्य छतरी का निर्माण - सामूहिक एकता एवं प्रयास की आवश्यकता।
रणधीर जी बाबल व खंगार बा पुरस्कार
समाज के प्रति उत्कृष्ट सेवा हेतु पुरस्कारों का शुभारंभ।
खेजड़ली मंदिर पुनः निर्माण एवं जीर्णोद्धार
शहीदों की पावन स्मृति में खेजड़ली मंदिर का भव्य पुनः निर्माण एवं परिसर का नवीनीकरण।
हमे प्रयास करने से डरना नहीं चाहिए। ज़्यादा से ज़्यादा हम असफल होगे और असफल तो वो हम अभी भी बिना प्रयास के हैं। इसलिए कोशिश अवश्य करनी चाहिए।
आपका सहयोग, उज्ज्वल भविष्य
कोशिश न करना पहले से ही असफलता को स्वीकार करने जैसा है, जबकि प्रयास करने से जीतने की संभावना हमेशा बनी रहती है।
